मसूरी । झड़ीपानी क्षेत्र में भूमिधरांे और उत्तर रेलवे का विवाद सुलझाने का नाम नहीं ले रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद भी उत्तर रेलवे द्वारा स्थानीय लोगों को परेशान किया जा रहा है जिसके तहत रेलवे पुलिस और ओक ग्रोव स्कूल प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंची और स्कूल के गेट के समीप दुकान तोड़ने का प्रयास करने लगे जिसका स्थानीय लोगों ने भारी विरोध किया। जिसके चलते रेलवे प्रशासन को अपनी कार्यवाही रोकनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर रेलवे और भूमिधरों बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और कई बार सीमांकन भी किया जा चुका है लेकिन उसके बावजूद भी रेलवे प्रशासन सीमांकन मानने को तैयार नहीं है और लगातार स्थानीय लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे है। जिससे स्थानीय लोगों का उत्पीड़न हो रहा है पूर्व में भी उत्तर रेलवे और भूमिधरों के बीच सीमांकन को लेकर विवाद के कारण मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है इसके बावजूद भी उत्तर रेलवे द्वारा बिना किसी पूर्व नोटिस के स्थानीय लोगों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
स्थानीय निवासी शुभम गुप्ता ने बताया कि 40 वर्षों से भूमि और भवन उनके नाम पर अंकित है और न्यायालय द्वारा भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि उच्च भूमि पर रेलवे का कोई अधिकार नहीं है इसके बावजूद भी उत्तर रेलवे के अधिकारी बार-बार स्थानीय लोगों को नोटिस जारी कर रहे हैं और हर महीने जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच जाते हैं। भवन स्वामी आशु गुप्ता ने बताया कि उनके पास भवन कर रजिस्ट्री दाखिल खारिज सारे कागजात मौजूद हैं लेकिन उसके बावजूद भी हर महीने उत्तर रेलवे के अधिकारी उन्हें नोटिस भेज देते हैं और कई बार जेसीबी मशीन लेकर तोड़ने की कोशिश भी कर चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण उन्हें हर बार वापस जाना पड़ता है की उत्तर रेलवे के पास किसी भी प्रकार के कागजात मौजूद नहीं है और स्थानीय लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।