रुद्रप्रयाग शहर में दिनदहाड़े गुलदार का आतंक, घर के पास चर रही बकरी को बनाया शिकार

आबादी में दहशत, वन विभाग से पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग

रुद्रप्रयाग। नगर पालिका रुद्रप्रयाग के वार्ड संख्या-4 स्थित माई की मंडी कस्बे में रविवार को दिनदहाड़े गुलदार के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई। सुबह करीब 11 बजे घर के समीप घास चर रही एक बकरी पर गुलदार ने अचानक हमला कर उसे मार डाला। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गुलदार बकरी को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। आबादी के बीच इस तरह गुलदार की सक्रियता ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माई की मंडी निवासी जीत सिंह पंवार की बकरी घर के पास खुले स्थान पर चर रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। देखते ही देखते गुलदार ने बकरी को अपना शिकार बना लिया। बकरी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गुलदार की गतिविधियां आबादी के आसपास लगातार बढ़ रही हैं। दिनदहाड़े रिहायशी इलाके में पहुंचकर पालतू पशु पर हमला करना इस बात का संकेत है कि वन्यजीव अब बस्तियों के बेहद करीब तक पहुंच रहे हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों और महिलाओं पर भी हमला हो सकता है।
घटना के बाद स्थानीय निवासी संतोषी देवी, सीमा देवी, योगेन्द्र सेमवाल और अरविंद पंवार सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, गुलदार की गतिविधियों की निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पिंजरा लगाने तथा प्रभावित पशुपालक जीत सिंह पंवार को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि माई की मंडी सहित आसपास के क्षेत्रों में शाम ढलते ही लोगों में भय का माहौल रहता है। बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में परिजन डर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से आबादी के आसपास गश्त बढ़ाने, निगरानी कैमरे लगाने और आवश्यक होने पर गुलदार को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्र में जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच बढ़ता संघर्ष अब गंभीर रूप लेता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।