शिमला बाईपास पर 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, पौंधा में 30-40 बीघा जमीन पर प्लॉटिंग सील

एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 7 स्थानों पर कार्रवाई

देहरादून। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण तथा बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण की टीम ने मसूरी, पौंधा, विधौली और शिमला बाईपास क्षेत्र में अभियान चलाते हुए सात स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान अवैध प्लॉटिंग के एक मामले में ध्वस्तीकरण और दूसरे मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, मसूरी में अवैध निर्माण तथा विधौली में बिना अनुमति संचालित कैफे और दुकानों को भी सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों में हड़कंप मचा रहा।
प्राधिकरण के अनुसार, गौरव रावत भू-स्वामी द्वारा मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड, ढकरानी, हरबर्टपुर क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना नियमानुसार स्वीकृति के विकसित की जा रही प्लॉटिंग पर रोक लगाना और नियोजित विकास व्यवस्था को बनाए रखना है।
इसी क्रम में पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल द्वारा लगभग 30 से 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के मामले में प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। बड़े भू-भाग पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को लेकर प्राधिकरण की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एमडीडीए का जोर इस बात पर है कि भूमि खरीदने और निवेश करने से पहले लोग संबंधित जमीन के स्वीकृत नक्शे, लेआउट और आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में उन्हें कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मसूरी क्षेत्र में भी प्राधिकरण ने नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली, हाथीपांव रोड मसूरी में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से संबंधित अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान नियोजित विकास, स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। बिना जरूरी अनुमति के किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के निकट भी एमडीडीए की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच स्थानों पर सीलिंग की। इनमें अक्षय पंवार द्वारा अवैध रूप से संचालित कैफे, रवि शंकर द्वारा संचालित कैफे एवं दुकान, गायत्री शर्मा द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए संचालित दुकान और माही कैफे के नाम से संचालित अवैध कैफे शामिल हैं। प्राधिकरण की इस कार्रवाई के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों को सील किया गया। एमडीडीए का कहना है कि व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी मानचित्र स्वीकृति और निर्धारित नियमों का अनुपालन किया जाना चाहिए। बिना आवश्यक अनुमति के संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए की ओर से की गई इन कार्रवाइयों के दौरान संबंधित क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और बिना स्वीकृति संचालित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का पालन सुनिश्चित कराना और देहरादून के नियोजित विकास को बनाए रखना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी कर भूमि पर प्लॉटिंग करने अथवा बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके स्वीकृत लेआउट और संबंधित अनुमतियों की पूरी जानकारी प्राप्त करें। प्राधिकरण का उद्देश्य विकास कार्यों को नियमों के अनुरूप संचालित कराना और नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के मामलों में नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने तथा अवैध निर्माण की जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों को भी चाहिए कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने से पहले जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करें।