देहरादून। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर विनोद कापड़ी की बहुप्रशंसित फिल्म ‘चिता’ 23 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। हिमालय की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म एक बुजुर्ग दंपति की कहानी है, जिनकी दुनिया घर, यादों और एक-दूसरे तक सिमटी हुई है। उनके बच्चे बेहतर अवसरों की तलाश में गांव से दूर चले गए हैं।
भगीरथी फिल्म्स और मशकबीन स्टूडियोज के बैनर तले विनोद कापड़ी, सुरेश जोशी और अरिंद्र राय चौधरी द्वारा निर्मित फिल्म में 80 वर्षीय पदम सिंह कापड़ी और 70 वर्षीय हीरा देवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। उत्तराखंड निवासी दोनों कलाकारों ने इससे पहले कभी कैमरे का सामना नहीं किया था। पदम सिंह सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हैं, जबकि हीरा देवी विधवा, गृहिणी और पूर्व नृत्यांगना हैं।
कुमाऊं हिमालय के एक सुदूर गांव में स्थापित ‘चिता’ पलायन के कारण माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरी और लंबे वैवाहिक जीवन के रिश्ते को केंद्र में रखती है।
निर्देशक विनोद कापड़ी ने कहा, “चिता आखिरकार प्यार की कहानी है। यह उन दो लोगों के बीच के प्यार की कहानी है, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी साथ बिताई है और माता-पिता और उनके बच्चों के बीच के प्यार की भी। मैं इस कहानी को ऐसे दो लोगों के माध्यम से बताना चाहता था, जिन्होंने खुद वह जिंदगी जी है। पदम सिंह जी और हीरा देवी जी को ढूंढ पाना मेरे लिए एक असाधारण अनुभव था। उनके रिश्ते, उनकी खामोशियां और उनकी भावनाएं स्क्रीन पर ऐसी सच्चाई लेकर आईं, जिसे कलाकारों के माध्यम से दोहराना शायद संभव नहीं था।”
फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 28वें टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसे पॉफ सर्वश्रेष्ठ फिल्म ऑडियंस अवॉर्ड मिला। इसके बाद फिल्म ने साओ पाउलो, कैंब्रिज, बाथ, फज्र और केरल के अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी हिस्सा लिया। फिल्म अब तक 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है, जिनमें 15 सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार शामिल हैं।
फिल्म का वितरण सिनेपोलिस कर रहा है। संगीत माइकेल डैना ने दिया है, जबकि गीत गुलज़ार ने लिखे हैं। ‘चिता’ की पूरी शूटिंग उत्तराखंड के पहाड़ों में हुई है।
