द दून स्कूल ने जीती ट्रॉफी, ग्यारहवाँ सेलाकुई अखिल भारतीय अंतर-विद्यालय फुटबॉल टूर्नामेंट सम्पन्न

देहरादून । सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में आयोजित ग्यारहवें सेलाकुई अखिल भारतीय अंतर-विद्यालय फुटबॉल टूर्नामेंट (अंडर-19 बालक) का भव्य समापन हुआ। छह दिनों तक चली इस रोमांचक प्रतियोगिता में द दून स्कूल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की।  द दून स्कूल ने फाइनल मुकाबले में मेजबान सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। द दून स्कूल की तरफ से जय राणा, सुशील तथा उदय राणा ने 1-1 गोल किये

6 अगस्त से प्रारंभ हुए इस टूर्नामेंट में लगातार वर्षा के बावजूद सभी दलों ने जबरदस्त जोश और दृढ़ संकल्प के साथ खेल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में द दून स्कूल, वेलहम बॉयज स्कूल, बिशप कॉटन स्कूल, द सागर स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल दगशई, कसीगा स्कूल, जीआरडी वर्ल्ड स्कूल, द एशियन स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल और मेजबान सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल सहित दस प्रतिष्ठित विद्यालयों के लगभग 180 प्रतियोगियों ने भाग लिया। उद्घाटन एवं समापन समारोह में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर डॉ. दिलीप कुमार पांडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा फुटबॉल केवल एक खेल नहीं है कृ यह टीमवर्क, अनुशासन और हार न मानने के जज्बे का सबसे सजीव पाठ है। आज इस मैदान पर जो दस विद्यालय एक साथ आए हैं, वे केवल गोल नहीं दाग रहे कृ वे अपने जीवन के सबसे मूल्यवान सबक सीख रहे हैं। बारिश हो या धूप, मैदान हो या जीवन कृ जो रुकता नहीं, वही जीतता है। आप सभी खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट को अपनी ऊर्जा और खेल भावना से यादगार बना दिया। मैं आप सभी को हृदय से बधाई देता हूँ। मेजबान सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल ने उपविजेता रहकर अपने घरेलू मैदान पर सशक्त प्रदर्शन किया। व्यक्तिगत पुरस्कारों में सेलाकुई के विराज भारद्वाज को ’गोल्डन ग्लव अवार्ड’ और तायर दोनी को ’इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के सम्मान से नवाजा गया। ’गोल्डन बूट अवार्ड’ कसीगा स्कूल के अनिरुद्ध को मिला, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल दागकर अपनी गोलस्कोरिंग प्रतिभा का लोहा मनवाया। द दून स्कूल के जिग्मेत उर्गियान को मैदान पर उनके असाधारण योगदान के लिए ’प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। ’फेयर प्ले अवार्ड’ इंडियन पब्लिक स्कूल को प्रदान किया गया, जिसने पूरे टूर्नामेंट में खेल भावना और अनुशासन की मिसाल कायम की। यह टूर्नामेंट हर वर्ष बेहतर होता जा रहा है और इसका श्रेय उन खिलाड़ियों को जाता है जो पूरी तैयारी और लगन के साथ यहाँ आते हैं। इस बार की बात करें तो बारिश की चुनौती के बावजूद सभी दलों ने जिस स्तर का फुटबॉल खेला, वह वास्तव में सराहनीय रहा। सेलाकुई का यह मंच युवा खिलाड़ियों को न केवल प्रतिस्पर्धा का अनुभव देता है, बल्कि उन्हें एक बड़े फुटबॉल परिवार से भी जोड़ता है। हम आशा करते हैं कि आज यहाँ खेले युवाओं में से कई कल देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंतिम सीटी बजते ही द दून स्कूल ने चैम्पियनशिप ट्रॉफी को गर्व से उठाया और देहरादून के स्कूली फुटबॉल इतिहास में एक और यादगार अध्याय जुड़ गया। दसों प्रतिभागी विद्यालयों के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता को सच्चे अर्थों में अविस्मरणीय बनादिया।