ऋषिकेश । बोइंग इंडिया ने आज उत्तराखंड राज्य के लोगों की स्वास्थ्य जांच सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश को उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरण प्रदान किया। इस योगदान के तहत, बोइंग इंडिया हरिद्वार रोड, आदर्श ग्राम स्थित एम्स ऋषिकेश परिसर में महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना में सहायता कर रहा है। इसमें परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के मानकों के अनुरूप स्थापित एक अल्ट्रासाउंड मशीन और एक डिजिटल एक्स-रे प्रणाली शामिल है। इन प्रणालियों से जांच क्षमता के सुदृढ़ होने और मरीजों की देखभाल में सुधार आने की उम्मीद है, जिससे प्रतिवर्ष 15,000 से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
बोइंग इंडिया और दक्षिण एशिया के प्रेसिडेंट, सलिल गुप्ते ने कहा, “उच्च गुणवत्ता वाले डायग्नोस्टिक्स समुदायों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करते हैं। हमें ऐसे स्थान पर यह छोटा सा योगदान देकर खुशी हो रही है जहां इससे एक बड़ा बदलाव आएगा।“ एम्स ऋषिकेश में डायग्नोस्टिक उपकरणों का उद्घाटन सलिल गुप्ते और डॉ. मीनू सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ, एम्स ऋषिकेश द्वारा किया गया। इस समारोह में एम्स के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जिनमें डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, डीन (एकेडमिक्स) और चेयरपर्सन, एम्स सीएसआर कमिटी, डॉ. पंकज शर्मा, सेक्रेटरी, एम्स सीएसआर कमिटी, डॉ. रजत जैन, प्रेसिडेंट, डॉक्टर्स फॉर यू और प्रवीणा यग्नमभट, चीफ ऑफ स्टाफ, गवर्नमेंट एंगेजमेंट, एंड सीएसआर हेड, बोइंग इंडिया और साउथ एशिया उपस्थित थे। डॉ. मीनू सिंह ने कहा, “अत्याधुनिक इमेजिंग के साथ अपनी डायग्नोस्टिक क्षमताओं का विस्तार करके, हमारा उद्देश्य जांच में होने वाली देरी को काफी हद तक कम करना, क्लीनिकल निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करना, तथा राज्य और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।“ डॉ. रजत जैन ने आगे कहा, “एम्स की विशेषज्ञता में विशिष्ट संसाधनों को जोड़कर, हम स्थानीय स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बना रहे हैं, उन्नत डायग्नोस्टिक्स को अग्रिम मोर्चे पर ला रहे हैं, तथा समुदायों के लिए स्वास्थ्य परिणामों को गति प्रदान करते हुए उनमें सुधार कर रहे हैं।“