देहरादून । दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के शिक्षा प्रकल्प मंथन-सम्पूर्ण विकास केंद्र द्वारा “मंथन फॉर मेंटर्स” पहल के अंतर्गत “द पैरेंट पपपेट शो” का सफल आयोजन नवम्बर 2025 को एनसीयूआई ऑडिटोरियम, हौज़ खास, नई दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम ने रचनात्मकता, पालन-पोषण के गूढ़ सूत्रों और मूल्य-आधारित शिक्षण को एक सशक्त व आकर्षक नाट्य मंचन के माध्यम से संयोजित किया। कार्यक्रम का आरंभ एक परिचयात्मक वीडियो से हुआ जिसमें “द पैरेंट पपपेट कंशेप्ट” को प्रदर्शित किया गया। इस वीडियो ने यह दर्शाया कि अभिभावकों का व्यवहार किस प्रकार बच्चे के भावनात्मक तथा नैतिक विकास को आकार देता है।
साध्वी दीपा भारती ने आधुनिक युग के अभिभावकों द्वारा अनुभव की जा रही विविध चुनौतियों पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार तेज़ रफ्तार जीवनशैली परिवारों को भावनात्मक जुड़ाव और सजग संवाद से दूर कर रही है। उन्होंने “द पैरेंट पपपेट शो” के उद्देश्य का परिचय देते हुए यह संदेश दिया कि सजग पालन-पोषण का मूल आधार अध्यात्म, जागरूकता, और मूल्य-आधारित संस्कार हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा “द पैरेंट पपपेट शो”, जो एक घंटे से अधिक समय तक चला। इस रोचक नाट्य प्रस्तुति में रोज़मर्रा के अभिभावकीय संघर्षों को जीवन्त उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। हास्य, भावना और आत्मचिंतन के माध्यम से इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि प्रभावी पालन-पोषण का पुष्प करुणा, धैर्य और विवेक की मिट्टी में ही खिलता है। नाट्य प्रस्तुति के पश्चात साध्वी दीपा भारती ने दर्शकों को एक आकर्षक “हेड मस्क” गतिविधि में सम्मिलित किया। यह रचनात्मक गतिविधि सत्र के मूल संदेश को सशक्त बनाने का माध्यम बनीकृजिसने माता-पिता और शिक्षकों को आत्ममंथन हेतु प्रेरित किया। मनोरंजन, प्रतीकात्मकता और आत्मजागरण के इस समन्वय ने संपूर्ण अनुभव को अत्यंत रोचक, सारगर्भित और अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बांसुरी स्वराज तथा डीजेजेएस की साध्वीगण-साध्वी दीपा भारती, साध्वी श्रीपदा भारती और साध्वी जयवाणी भारती की गरिमामयी उपस्थिति रही। इन सभी ने संयुक्त रूप से सोशल मीडिया सैनेंटाइजेशन (“एसएमएस”) मूवमेंट” का शुभारंभ किया कृ जिसमे सकारात्मक और मूल्यों से संपन वीडियो को प्रसारित किया जायेगा। अपने उद्बोधन में बंसुरी स्वराज ने मंथन एसवीके द्वारा वंचित वर्गों के बच्चों को समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करने के सतत प्रयासों की सराहना की।