हर घर तिरंगा अभियान के तहत रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन

बहनों ने सेना जवानों को बांधी राखियां

रुद्रप्रयाग। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान के तहत विकास भवन सभागार में सैनिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान हरियाली स्वायत्त सहकारी समिति रतूड़ा, जै रुद्रनाथ स्वायत्त सहकारी समिति जवाड़ी, प्रगति स्वायत्त सहकारी समिति चंद्रापुरी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं ब्रह्मकुमारी आश्रम की बहनों ने आर्मी, पुलिस के जवानों तथा उपस्थित अधिकारियों को पिरूल और रुद्राक्ष से बनी राखियां बांधकर उनके स्वस्थ, सुख और समृद्ध जीवन की कामना की।
महिलाओं ने स्थानीय उत्पादों से तैयार की गई मिठाई खिलाकर तथा पारंपरिक रक्षा बंधन गीत प्रस्तुत कर उपस्थित सभी को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। बहनों ने अपने गीतों और शुभकामनाओं के माध्यम से देश की सीमाओं की रक्षा में निरंतर तैनात जवानों के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे वीर सैनिक और पुलिस बल के जवान सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में समर्पित रहते हैं। यह पर्व हमें भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ देशभक्ति और सेवा भाव की भी प्रेरणा देता है। उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया कि वे इतनी आत्मीयता और स्नेह के साथ इस आयोजन में शामिल हुईं। अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल रक्षाबंधन पर्व की गरिमा बढ़ाता है, बल्कि समाज और सुरक्षा बलों के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक भी है। उपस्थित महिलाओं और बहनों ने कहा कि विषम-विषम परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा में लगे हमारे वीर जवान सच्चे राष्ट्रनायक हैं। उन्होंने उनके साहस, त्याग और अदम्य सेवा भावना के लिए आभार प्रकट कर ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना की। जवानों एवं पुलिस कर्मियों ने भी इस आत्मीय स्नेह और सम्मान के लिए सभी बहनों का आभार व्यक्त कर विश्वास दिलाया कि वे सदैव देश की सेवा में तत्पर रहेंगे और हर परिस्थिति में नागरिकों की रक्षा को लेकर अपने कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा से पालन करेंगे।
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केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन व भू-धंसाव को लेकर 357 करोड़ ट्रीटमेंट में हुए खर्च

देहरादून, आजखबर। रूद्रप्रयाग केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन और भू-धंसाव ट्रीटमेंट के प्रस्तावित 357 करोड़ के कार्यों में, आधे से अधिक पूर्ण हो गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के सदन में पूछे सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। इसी तरह एम्स ऋषिकेश को केंद्र ने जानकारी दी कि वहां आधुनिक जैव सुरक्षा प्रयोगशाला-3 की स्थापना का अनुमोदन दिया गया है। राज्यसभा में उन्होंने अतारांकित प्रश्न 2040 में रुद्रप्रयाग केदारनाथ मार्ग पर केंद्र सरकार के चलाए जा रहे भूस्खलन और भू धंसाव ट्रीटमेंट की जानकारी मांगी है। जिसके ज़बाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य में रुद्रप्रयाग से केदारनाथ के निकट गौरीकुंड तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर 17 स्थानों के लिए 357 करोड़ रुपये की लागत से भूस्खलन और भू-धंसाव प्रबंध (ट्रीटमेंट) कार्यों को मंजूरी दे दी है।
लगभग 172.56 करोड़ रुपये की लागत से 8 स्थानों पर कार्य पूरे हो चुके हैं; लगभग 39.25 करोड़ रुपये की लागत से 3 स्थानों पर कार्य के लिए बोली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लगभग 145.22 करोड़ रुपये की लागत से 6 स्थानों पर शुरू किए गए कार्यों का क्रियान्वहन किया जा रहा है।
अतारांकित प्रश्न संख्या 1879 में एम्स ऋषिकेश में केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मांगी गई थी। किसका उत्तर देते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत, स्थापित किए गए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में चिकित्सा अनुसंधान करने के लिए इस संस्थान के छात्रों और संकाय के उपयोग के लिए बहु-विषयक अनुसंधान इकाई (एमआरयू) और वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला (वीआरडीएल) सहित उन्नत अवसंरचना और उच्च-स्तरीय उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने वित्त पोषित, बीआरडीएल वायरल संक्रमणों के उन्नत निदान और प्रबंधन के लिए सहायता प्रदान करता है और एमआरयू विभिन्न कैंसर और आनुवंशिक रोगों की लक्षित जीनोमिक अनुक्रमण को सक्षम बनाता है। इसी तरह एम्स ऋषिकेश में जैव सुरक्षा प्रयोगशाला-3 की स्थापना का भी अनुमोदन दिया गया है।